आपकी कुंडली, आपके सवाल — 20-मिनट का परामर्श
कुंडली कुछ सेकंडों में बन जाती है। 20 मिनट आपके लिए हैं — शास्त्रीय ज्योतिष से पूछें कि आपकी ग्रह स्थितियाँ कैरियर, रिश्तों, समय, और बाकी जीवन के लिए क्या कहती हैं।
परामर्श शुरू करें — ₹49 →✓ निःशुल्क 3-मिनट·✓ ₹199₹49 में 20-मिनट का परामर्श·✓ कोई OTP नहीं·✓ 10 भारतीय भाषाएँ
परिचय: कुंडली मिलान और हिंदू विवाह में इसका महत्व कुंडली मिलान हिंदू विवाह में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें दो व्यक्तियों की कुंडली का विश्लेषण किया जाता है ताकि उनके विवाहित जीवन की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। यह प्रक्रिया अष्टकूट मिलान पर आधारित है, जिसमें आठ कूटों का विश्लेषण किया जाता है। अष्टकूट मिलान: आठ कूटों की व्याख्या अष्टकूट मिलान में आठ कूट होते हैं: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, राशि / भकूट, और नाड़ी। वर्ण कूट वर्ण कूट में वर्ण का मिलान किया जाता है, जो कि ब्रह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, और शूद्र होते हैं। धनु राशि के लिए ब्रह्मण वर्ण और कुंभ राशि के लिए वैश्य वर्ण होता है। (BPHS 3. 42) वश्य कूट वश्य कूट में वश्य का मिलान किया जाता है, जो कि जल, अग्नि, वायु, और पृथ्वी होते हैं। धनु राशि के लिए अग्नि वश्य और कुंभ राशि के लिए वायु वश्य होता है। (Phaladeepika 7. 14) तारा कूट तारा कूट में तारा का मिलान किया जाता है, जो कि 27 नक्षत्रों में से एक होता है। धनु राशि के लिए मूल, पूर्वाषाढ़ा, और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होते हैं, जबकि कुंभ राशि के लिए धनिष्ठा, शतभिषा, और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होते हैं। (BPHS 46. 9) योनि कूट योनि कूट में योनि का मिलान किया जाता है, जो कि 14 योनियों में से एक होती है। धनु राशि के लिए अश्व योनि और कुंभ राशि के लिए मूषक योनि होती है। (BPHS 46.
कुंडली मिलान हिंदू विवाह में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें दो व्यक्तियों की कुंडली का विश्लेषण किया जाता है ताकि उनके विवाहित जीवन की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। यह प्रक्रिया अष्टकूट मिलान पर आधारित है, जिसमें आठ कूटों का विश्लेषण किया जाता है।
अष्टकूट मिलान में आठ कूट होते हैं: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, राशि / भकूट, और नाड़ी।
वर्ण कूट में वर्ण का मिलान किया जाता है, जो कि ब्रह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, और शूद्र होते हैं। धनु राशि के लिए ब्रह्मण वर्ण और कुंभ राशि के लिए वैश्य वर्ण होता है। (BPHS 3.42)
वश्य कूट में वश्य का मिलान किया जाता है, जो कि जल, अग्नि, वायु, और पृथ्वी होते हैं। धनु राशि के लिए अग्नि वश्य और कुंभ राशि के लिए वायु वश्य होता है। (Phaladeepika 7.14)
तारा कूट में तारा का मिलान किया जाता है, जो कि 27 नक्षत्रों में से एक होता है। धनु राशि के लिए मूल, पूर्वाषाढ़ा, और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होते हैं, जबकि कुंभ राशि के लिए धनिष्ठा, शतभिषा, और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होते हैं। (BPHS 46.9)
योनि कूट में योनि का मिलान किया जाता है, जो कि 14 योनियों में से एक होती है। धनु राशि के लिए अश्व योनि और कुंभ राशि के लिए मूषक योनि होती है। (BPHS 46.10)
ग्रह मैत्री कूट में ग्रहों की मैत्री का मिलान किया जाता है। धनु राशि के लिए गुरु ग्रह और कुंभ राशि के लिए शनि ग्रह होता है। (Phaladeepika 7.14)
गण कूट में गण का मिलान किया जाता है, जो कि देव, मानव, और राक्षस होते हैं। धनु राशि के लिए देव गण और कुंभ राशि के लिए मानव गण होता है। (BPHS 46.9)
राशि / भकूट कूट में राशि का मिलान किया जाता है, जो कि 12 राशियों में से एक होती है। धनु राशि और कुंभ राशि के बीच भकूट दोष की संभावना होती है। (BPHS 46.10)
नाड़ी कूट में नाड़ी का मिलान किया जाता है, जो कि 3 नाड़ियों में से एक होती है। धनु राशि और कुंभ राशि के बीच नाड़ी दोष की संभावना होती है। (BPHS 54.67)
ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली विशिष्ट है — कैरियर का समय, रिश्ते, स्वास्थ्य, जो भी पूछना चाहें।
अपनी कुंडली से पूछें →धनु और कुंभ राशि के बीच गुण मिलान का स्कोर मध्यम होता है, जो कि 20-25 गुणों के बीच होता है। यह स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि दोनों राशियों के बीच कितने गुण मिलते हैं। (BPHS 3.42)
धनु और कुंभ राशि के बीच भकूट दोष की संभावना होती है, जो कि 12वीं और 2वीं राशि के बीच होता है। यह दोष तब बनता है जब दोनों राशियों के बीच 12वीं और 2वीं राशि का अंतर होता है। (BPHS 46.10)
भकूट दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय विधान हैं जैसे कि दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना। (Phaladeepika 7.14)
धनु और कुंभ राशि के बीच नाड़ी दोष की संभावना होती है, जो कि 3 नाड़ियों में से एक होती है। यह दोष तब बनता है जब दोनों राशियों के बीच नाड़ी का अंतर होता है। (BPHS 54.67)
नाड़ी दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय विधान हैं जैसे कि दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना। (Phaladeepika 7.14)
धनु और कुंभ राशि के बीच भावनात्मक एवं स्वभाव अनुकूलता मध्यम होती है, जो कि दोनों राशियों के स्वभाव और भावनाओं पर निर्भर करती है। धनु राशि के लोग अधिक स्वतंत्र और जिज्ञासु होते हैं, जबकि कुंभ राशि के लोग अधिक मानवतावादी और सामाजिक होते हैं। (BPHS 3.42)
धनु और कुंभ राशि के बीच लंबी अवधि के विवाहित जीवन की संभावना मध्यम होती है, जो कि दोनों राशियों के बीच की अनुकूलता और समझ पर निर्भर करती है। दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना होता है। (Phaladeepika 7.14)
यदि गुण मिलान का स्कोर कम होता है, तो शास्त्रीय परिहार उपाय हैं जैसे कि दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना, और दोनों पक्षों को एक दूसरे के साथ समझौता करना और एक दूसरे की जरूरतों को पूरा करना। (BPHS 54.67)
धनु और कुंभ का विवाह मध्यम हो सकता है, जो कि दोनों राशियों के बीच की अनुकूलता और समझ पर निर्भर करता है। दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना होता है। (BPHS 3.42)
मांगलिक दोष की स्थिति में दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना होता है, और दोनों पक्षों को एक दूसरे के साथ समझौता करना और एक दूसरे की जरूरतों को पूरा करना होता है। (Phaladeepika 7.14)
गुण मिलान का स्कोर मध्यम होना चाहिए, जो कि 20-25 गुणों के बीच होता है। यह स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि दोनों राशियों के बीच कितने गुण मिलते हैं। (BPHS 3.42)
नाड़ी दोष को दूर करने के लिए दोनों पक्षों को एक दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना होता है, और दोनों पक्षों को एक दूसरे के साथ समझौता करना और एक दूसरे की जरूरतों को पूरा करना होता है। (Phaladeepika 7.14)
आपकी कुंडली। आपके सवाल। शास्त्रीय ज्योतिष पर आधारित 20-मिनट का परामर्श।
परामर्श शुरू करें — ₹199 ₹49