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धनु राशि वालों के लिए व्यापार एवं व्यवसाय योग: शास्त्रीय विश्लेषण धनु राशि (अग्नि तत्व की राशि) वाले जातकों के लिए व्यापार एवं व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता के अनेक योग होते हैं। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र एवं अन्य शास्त्रीय ग्रंथों में धनु राशि के जातकों के लिए व्यापार संबंधी विशेष निर्देश दिए गए हैं। इस लेख में हम धनु राशि वालों के लिए व्यापार बनाम नौकरी, साझेदारी एवं एकल व्यवसाय, व्यापार कारक ग्रह बुध, उपयुक्त व्यवसाय क्षेत्र, विदेशी व्यापार के योग, तथा व्यवसाय आरंभ करने के शुभ मुहूर्त जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। 1. व्यापार बनाम नौकरी: शास्त्रीय निर्णय धनु राशि वालों के लिए व्यापार एवं व्यवसाय में सफलता के अनेक योग होते हैं। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS) के अनुसार, धनु राशि के जातकों को नौकरी की अपेक्षा स्वतंत्र व्यवसाय में अधिक सफलता मिलती है। BPHS 3. 42 में कहा गया है कि धनु राशि के जातकों को अपने स्वयं के प्रयासों से धन अर्जित करने की प्रवृत्ति होती है। इसके अतिरिक्त, यदि धनु राशि का स्वामी बृहस्पति उच्च भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को नौकरी में भी सफलता मिल सकती है। धनु राशि वालों को व्यापार में सफलता तभी मिलती है जब उनके कुंडली में बुध, गुरु एवं शनि के योग अनुकूल हों। BPHS 5. 12 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करने से पूर्व अपने कुंडली के भाव एवं ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण अवश्य करना चाहिए। 2.
धनु राशि (अग्नि तत्व की राशि) वाले जातकों के लिए व्यापार एवं व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता के अनेक योग होते हैं। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र एवं अन्य शास्त्रीय ग्रंथों में धनु राशि के जातकों के लिए व्यापार संबंधी विशेष निर्देश दिए गए हैं। इस लेख में हम धनु राशि वालों के लिए व्यापार बनाम नौकरी, साझेदारी एवं एकल व्यवसाय, व्यापार कारक ग्रह बुध, उपयुक्त व्यवसाय क्षेत्र, विदेशी व्यापार के योग, तथा व्यवसाय आरंभ करने के शुभ मुहूर्त जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
धनु राशि वालों के लिए व्यापार एवं व्यवसाय में सफलता के अनेक योग होते हैं। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS) के अनुसार, धनु राशि के जातकों को नौकरी की अपेक्षा स्वतंत्र व्यवसाय में अधिक सफलता मिलती है। BPHS 3.42 में कहा गया है कि धनु राशि के जातकों को अपने स्वयं के प्रयासों से धन अर्जित करने की प्रवृत्ति होती है। इसके अतिरिक्त, यदि धनु राशि का स्वामी बृहस्पति उच्च भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को नौकरी में भी सफलता मिल सकती है।
धनु राशि वालों को व्यापार में सफलता तभी मिलती है जब उनके कुंडली में बुध, गुरु एवं शनि के योग अनुकूल हों। BPHS 5.12 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करने से पूर्व अपने कुंडली के भाव एवं ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण अवश्य करना चाहिए।
BPHS 5.23 के अनुसार, धनु राशि वालों के लिए 7वाँ भाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि 7वें भाव में धनु राशि स्वयं स्थित हो अथवा उसके स्वामी गुरु उच्च भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को साझेदारी व्यवसाय में सफलता मिलती है। इसके विपरीत, यदि 7वें भाव में शनि अथवा मंगल स्थित हो, तो साझेदारी में विवाद एवं हानि का योग होता है।
BPHS 5.25 के अनुसार, 11वाँ भाव धनु राशि वालों के लिए लाभ का भाव होता है। यदि 11वें भाव में बुध अथवा शुक्र स्थित हो, तो ऐसे जातकों को व्यापार से अधिक लाभ होता है। इसके अतिरिक्त, यदि 11वें भाव में गुरु स्थित हो, तो लाभ के साथ-साथ मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
BPHS 5.24 के अनुसार, 2रा भाव धनु राशि वालों के लिए धन संचय का भाव होता है। यदि 2रे भाव में शुक्र अथवा बुध स्थित हो, तो ऐसे जातकों को व्यापार से अधिक धन की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत, यदि 2रे भाव में शनि अथवा मंगल स्थित हो, तो धन संचय में कठिनाई होती है।
बृहत् जातक (Brihat Jataka) 12.14 के अनुसार, बुध धनु राशि वालों के लिए व्यापार कारक ग्रह होता है। यदि बुध धनु राशि से दूसरे, चौथे, सातवें, दशवें अथवा बारहवें भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को व्यापार में सफलता मिलती है। BPHS 4.56 के अनुसार, यदि बुध धनु राशि से चौथे भाव में स्थित हो, तो जातक को शिक्षा अथवा मीडिया के क्षेत्र में सफलता मिलती है।
यदि बुध धनु राशि से छठे, आठवें अथवा बारहवें भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को व्यापार में कठिनाई होती है। BPHS 4.57 के अनुसार, ऐसे जातकों को व्यापार आरंभ करने से पूर्व ग्रह शांति अवश्य करानी चाहिए।
BPHS 5.33 के अनुसार, धनु राशि वालों के लिए साझेदारी व्यवसाय अथवा एकल व्यवसाय का निर्णय कुंडली के 7वें भाव एवं उसके स्वामी की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि 7वें भाव में धनु राशि स्वयं स्थित हो अथवा उसके स्वामी गुरु उच्च भाव में स्थित हो, तो साझेदारी व्यवसाय उपयुक्त होता है। इसके विपरीत, यदि 7वें भाव में मंगल अथवा शनि स्थित हो, तो एकल व्यवसाय अधिक लाभकारी होता है।
BPHS 5.34 के अनुसार, यदि 7वें भाव में शुक्र अथवा चंद्र स्थित हो, तो ऐसे जातकों को साझेदारी व्यवसाय में अधिक लाभ होता है। इसके अतिरिक्त, यदि 7वें भाव में बुध स्थित हो, तो व्यापार में विविधता लाने के लिए साझेदारी उपयुक्त होती है।
BPHS 6.12 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करने के लिए गुरुवार, बुधवार अथवा शुक्रवार का दिन सर्वोत्तम होता है। इसके अतिरिक्त, धनु, मेष अथवा सिंह नक्षत्र में व्यापार आरंभ करने से सफलता मिलती है।
BPHS 6.15 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करते समय शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, दशमी अथवा एकादशी तिथि का चयन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि व्यापार आरंभ करते समय चंद्रमा धनु अथवा मीन राशि में स्थित हो, तो सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
BPHS 10.23 के अनुसार, धनु राशि वालों को उच्च शिक्षा, विदेशी विश्वविद्यालय, पर्यटन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, अनुवाद, तथा विदेशी मामलों से संबंधित व्यवसाय में सफलता मिलती है। इसके अतिरिक्त, BPHS 10.24 के अनुसार, धनु राशि वालों को मीडिया, प्रकाशन, तथा फिल्म उद्योग में भी सफलता मिल सकती है।
BPHS 10.25 के अनुसार, धनु राशि वालों को धर्म, आध्यात्मिकता, ज्योतिष, तथा अध्यात्मिक शिक्षा से संबंधित व्यवसाय में सफलता मिलती है। इसके अतिरिक्त, BPHS 10.26 के अनुसार, धनु राशि वालों को पर्यटन गाइड, तीर्थयात्रा आयोजन, तथा आध्यात्मिक सेवाओं से संबंधित व्यवसाय में भी सफलता मिल सकती है।
BPHS 10.27 के अनुसार, धनु राशि वालों को खेल, मनोरंजन, तथा पर्यटन से संबंधित व्यवसाय में सफलता मिलती है। इसके अतिरिक्त, BPHS 10.28 के अनुसार, धनु राशि वालों को खेल सामग्री, फिटनेस केंद्र, तथा मनोरंजन पार्क के व्यवसाय में भी सफलता मिल सकती है।
BPHS 5.45 के अनुसार, धनु राशि वालों के लिए आर्थिक उतार-चढ़ाव के मुख्य कारणों में गुरु एवं शनि के अशुभ योग होते हैं। यदि गुरु अथवा शनि धनु राशि से 6वें, 8वें अथवा 12वें भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। BPHS 5.46 के अनुसार, ऐसे जातकों को ग्रह शांति एवं रत्न धारण करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
BPHS 5.47 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार में हानि होने पर शुक्र एवं बुध के उपाय करने चाहिए। इसके अतिरिक्त, BPHS 5.48 के अनुसार, ऐसे जातकों को गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करने तथा गुरु मंत्र का जाप करने से लाभ होता है।
BPHS 10.33 के अनुसार, धनु राशि वालों को विदेशी व्यापार, निर्यात-आयात, तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सफलता मिलती है। इसके अतिरिक्त, BPHS 10.34 के अनुसार, यदि धनु राशि का स्वामी गुरु विदेशी राशि (मीन, धनु, मेष) में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को विदेशी व्यापार में विशेष सफलता मिलती है।
BPHS 10.35 के अनुसार, धनु राशि वालों को विदेशी व्यापार आरंभ करते समय शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, अथवा दशमी तिथि का चयन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, BPHS 10.36 के अनुसार, ऐसे जातकों को गुरुवार अथवा बुधवार को व्यापार आरंभ करने से सफलता मिलती है।
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अपनी कुंडली से पूछें →धनु राशि वालों को उच्च शिक्षा, विदेशी व्यापार, पर्यटन, मीडिया, तथा आध्यात्मिक व्यवसाय में सफलता मिलती है। BPHS 10.23-28 के अनुसार, ऐसे जातकों को अपने कुंडली के 7वें भाव एवं उसके स्वामी की स्थिति के आधार पर व्यवसाय का चयन करना चाहिए।
BPHS 6.12-15 के अनुसार, धनु राशि वालों को गुरुवार, बुधवार अथवा शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, दशमी अथवा एकादशी तिथि में व्यापार आरंभ करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, धनु अथवा मीन नक्षत्र में व्यापार आरंभ करने से सफलता मिलती है।
BPHS 5.33-34 के अनुसार, यदि 7वें भाव में धनु राशि स्वयं स्थित हो अथवा उसके स्वामी गुरु उच्च भाव में स्थित हो, तो साझेदारी व्यवसाय उपयुक्त होता है। इसके विपरीत, यदि 7वें भाव में मंगल अथवा शनि स्थित हो, तो एकल व्यवसाय अधिक लाभकारी होता है।
BPHS 4.56 तथा Brihat Jataka 12.14 के अनुसार, बुध धनु राशि वालों के लिए व्यापार कारक ग्रह होता है। यदि बुध धनु राशि से दूसरे, चौथे, सातवें, दशवें अथवा बारहवें भाव में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को व्यापार में सफलता मिलती है।
BPHS 10.33-36 के अनुसार, धनु राशि वालों को विदेशी व्यापार, निर्यात-आयात, तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सफलता मिलती है। BPHS 10.34 के अनुसार, यदि धनु राशि का स्वामी गुरु विदेशी राशि में स्थित हो, तो ऐसे जातकों को विशेष सफलता मिलती है।
BPHS 5.47-48 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करते समय शुक्र एवं बुध के उपाय करने चाहिए। इसके अतिरिक्त, गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करने तथा गुरु मंत्र का जाप करने से लाभ होता है।
BPHS 3.42 तथा 5.12 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार एवं व्यवसाय में अधिक सफलता मिलती है। BPHS 3.42 में कहा गया है कि धनु राशि वालों को अपने स्वयं के प्रयासों से धन अर्जित करने की प्रवृत्ति होती है।
BPHS 5.45-48 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार में हानि होने पर ग्रह शांति एवं रत्न धारण करने चाहिए। BPHS 5.47 के अनुसार, ऐसे जातकों को शुक्र एवं बुध के उपाय करने चाहिए।
BPHS 6.12-15 के अनुसार, धनु राशि वालों को गुरुवार, बुधवार अथवा शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, दशमी अथवा एकादशी तिथि में व्यापार आरंभ करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, धनु अथवा मीन नक्षत्र में व्यापार आरंभ करने से सफलता मिलती है।
BPHS 5.23-25 तथा 10.23-28 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार में सफलता पाने के लिए बुध, गुरु, तथा शुक्र के योग अनुकूल होने चाहिए। BPHS 5.23-25 के अनुसार, 7वाँ भाव, 11वाँ भाव, तथा 2रा भाव में इन ग्रहों की स्थिति व्यापार में सफलता प्रदान करती है।
BPHS 5.47-48 के अनुसार, धनु राशि वालों को व्यापार आरंभ करने से पूर्व शुक्र एवं बुध के उपाय करने चाहिए। इसके अतिरिक्त, गुरु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए गुरु मंत्र का जाप तथा पीले वस्त्र धारण करने चाहिए।
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