30 सेकंड में अपनी मुफ़्त कुंडली देखें
जन्म विवरण डालें — तुरंत अपनी कुंडली और मुफ़्त रीडिंग पाएँ, फिर 3 मिनट मुफ़्त सवाल पूछें। पूरा 20-मिनट का परामर्श ₹49 में — सिर्फ़ अगर आप चाहें।
अपनी कुंडली पर जाँचें🧮 मुफ़्त मांगलिक दोष कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी में) →कोई साइन-अप नहीं। या पूरा फ़ॉर्म खोलें.
✓ मुफ़्त कुंडली·✓ 3 मिनट मुफ़्त परामर्श·✓ ₹49 में 20-मिनट का परामर्श·✓ कोई OTP नहीं
कालसर्प दोष किसी शास्त्रीय ग्रंथ में नहीं है। डरें नहीं — जानें राहु-केतु की असली स्थिति कैसे पढ़ें और महँगी पूजा क्यों ज़रूरी नहीं।
सीधा उत्तर: कालसर्प दोष बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, फलदीपिका, सारावली, बृहज्जातक या जैमिनी सूत्र — किसी भी शास्त्रीय ग्रंथ में नहीं मिलता। यह बीसवीं सदी में लोकप्रिय हुई एक आधुनिक धारणा है। इसलिए अगर किसी ने आपको "कालसर्प दोष" बताकर डराया है या महँगी पूजा सुझाई है, तो पहले साँस लें — आपकी कुंडली का असली विचार राहु और केतु की स्थिति से होता है, किसी डरावने नाम से नहीं।
आम तौर पर कहा जाता है कि जब सातों ग्रह — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि — राहु और केतु के एक ही ओर (उनके बीच) आ जाएँ, तो कालसर्प दोष बनता है। राहु-केतु हमेशा एक-दूसरे से ठीक 180° पर रहते हैं, इसलिए ऐसी स्थिति गणित के हिसाब से काफ़ी लोगों की कुंडली में बन जाती है।
इस नाम से बारह "प्रकार" (अनंत, कुलिक, वासुकि आदि) भी बताए जाते हैं। पर ये वर्गीकरण भी किसी शास्त्रीय ग्रंथ में नहीं हैं।
कालसर्प दोष का नाम डरावना है, और इसके साथ अक्सर विशेष स्थानों पर हज़ारों रुपये की पूजा जोड़ी जाती है। ग्रह लाइफ़ का संविधान डर बेचने पर साफ़ रोक लगाता है: कोई भी कुंडली "श्रापित" नहीं होती। चुनौतियाँ प्रवृत्तियाँ हैं, सज़ा नहीं।
ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली अलग है: विवाह का समय, रिश्ते, जो भी पूछना चाहें।
अपनी कुंडली मुफ़्त देखें →राहु जिस भाव में हो, वहाँ व्यक्ति की तीव्र इच्छा और नई राहें दिखती हैं; केतु जिस भाव में हो, वहाँ वैराग्य या पुराना अनुभव। यह धुरी (जैसे 1-7, 4-10, 5-11) जीवन के किस क्षेत्र में संतुलन सीखना है, यह बताती है।
राहु-केतु किस राशि और नक्षत्र में हैं और उनके स्वामी कहाँ बैठे हैं — इससे उनके फल की दिशा तय होती है।
विंशोत्तरी दशा में राहु की महादशा 18 वर्ष और केतु की 7 वर्ष की होती है। इन्हीं अवधियों में राहु-केतु का प्रभाव सबसे स्पष्ट होता है — पूरे जीवन पर एक-सा "दोष" नहीं।
नहीं। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, फलदीपिका, सारावली, बृहज्जातक और जैमिनी सूत्र में इसका उल्लेख नहीं है। यह आधुनिक ज्योतिष की धारणा है।
नहीं। राहु और केतु की स्थिति को भाव, राशि और दशा के साथ पढ़ें। एक डरावना नाम आपके भविष्य का निर्णय नहीं करता।
नहीं। जिस दोष का शास्त्रीय आधार नहीं, उसके लिए महँगी पूजा की ज़रूरत भी शास्त्र से सिद्ध नहीं होती। सरल उपासना आस्था का विषय है, मजबूरी नहीं।
मुख्यतः उनकी महादशा और अंतर्दशा में — राहु की महादशा 18 वर्ष और केतु की 7 वर्ष की होती है — और उस भाव से जुड़े विषयों में जहाँ वे बैठे हैं।
ग्रह लाइफ़ पर मुफ़्त कुंडली बनाइए — राहु और केतु का भाव, राशि और आपकी चालू दशा तुरंत दिखेगी, और आप 3 मिनट मुफ़्त सवाल पूछ सकते हैं।
आपकी सटीक जन्म कुंडली और मुफ़्त रीडिंग, तुरंत। फिर अपने सवाल पूछें — 3 मिनट मुफ़्त, पूरा 20-मिनट का परामर्श ₹49 में।
मेरी मुफ़्त कुंडली देखें →