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कुंभ विवाह योग कब होगी शादी? जानें सटीक समय (2026)

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कुंभ राशि वालों के लिए विवाह योग और शादी के समय का विस्तृत विश्लेषण कुंभ राशि वालों के लिए विवाह योग और शादी के समय का विश्लेषण करने से पहले, यह समझना आवश्यक है कि कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं और 7वें भाव की भूमिका विवाह और जीवनसाथी के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है। (BPHS 3. 42) विवाह कारक ग्रह कुंभ राशि की कुंडली में गुरु (पुरुष के लिए शुक्र), 7वें घर के स्वामी, और लग्न स्वामी का विश्लेषण करना आवश्यक है। गुरु की स्थिति और दृष्टि विवाह के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है, जबकि 7वें घर के स्वामी की स्थिति जीवनसाथी के स्वभाव और विवाह के समय को प्रभावित करती है। (Phaladeepika 7. 14) विवाह योग कब बनते हैं शास्त्रीय 7वें भाव के योग, राहु-शुक्र, गुरु-चंद्र संयोजन विवाह के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। जब गुरु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा, जब राहु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह में देरी का कारण बन सकता है। (BPHS 70. 19-20) कौन-सी दशा-अंतर्दशा में विवाह की संभावना सबसे अधिक कुंभ राशि के लिए विशिष्ट दशा-अंतर्दशा में विवाह की संभावना सबसे अधिक होती है। जब गुरु की दशा में शुक्र की अंतर्दशा होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा, जब लग्न स्वामी की दशा में 7वें घर के स्वामी की अंतर्दशा होती है, तो यह भी विवाह के लिए अनुकूल होता है। (BPHS 18.

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह योग और शादी के समय का विस्तृत विश्लेषण

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह योग और शादी के समय का विश्लेषण करने से पहले, यह समझना आवश्यक है कि कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं और 7वें भाव की भूमिका विवाह और जीवनसाथी के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है। (BPHS 3.42)

विवाह कारक ग्रह

कुंभ राशि की कुंडली में गुरु (पुरुष के लिए शुक्र), 7वें घर के स्वामी, और लग्न स्वामी का विश्लेषण करना आवश्यक है। गुरु की स्थिति और दृष्टि विवाह के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है, जबकि 7वें घर के स्वामी की स्थिति जीवनसाथी के स्वभाव और विवाह के समय को प्रभावित करती है। (Phaladeepika 7.14)

विवाह योग कब बनते हैं

शास्त्रीय 7वें भाव के योग, राहु-शुक्र, गुरु-चंद्र संयोजन विवाह के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। जब गुरु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा, जब राहु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह में देरी का कारण बन सकता है। (BPHS 70.19-20)

कौन-सी दशा-अंतर्दशा में विवाह की संभावना सबसे अधिक

कुंभ राशि के लिए विशिष्ट दशा-अंतर्दशा में विवाह की संभावना सबसे अधिक होती है। जब गुरु की दशा में शुक्र की अंतर्दशा होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा, जब लग्न स्वामी की दशा में 7वें घर के स्वामी की अंतर्दशा होती है, तो यह भी विवाह के लिए अनुकूल होता है। (BPHS 18.22)

गोचर के आधार पर विवाह का समय

गुरु का 7वें भाव या उसके स्वामी पर गोचर विवाह के समय को प्रभावित करता है। जब गुरु 7वें भाव में गोचर करता है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा, जब गुरु 7वें घर के स्वामी पर गोचर करता है, तो यह भी विवाह के लिए अनुकूल होता है। (Phaladeepika 7.14)

विलंब के कारण

मांगलिक दोष, शनि की दृष्टि, कमजोर 7वाँ भाव विवाह में देरी का कारण बन सकते हैं। मांगलिक दोष के कारण विवाह में देरी हो सकती है, जबकि शनि की दृष्टि भी विवाह में देरी का कारण बन सकती है। इसके अलावा, जब 7वाँ भाव कमजोर होता है, तो यह भी विवाह में देरी का कारण बन सकता है। (BPHS 46.8)

विलंब परिहार के शास्त्रीय उपाय

विलंब परिहार के लिए शास्त्रीय उपायों का पालन करना आवश्यक है। मांगलिक दोष के लिए कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि मंगल ग्रह की शांति करना और हनुमान जी की पूजा करना। इसके अलावा, शनि की दृष्टि के लिए भी कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि शनि ग्रह की शांति करना और शनि मंत्र का जाप करना। (BPHS 70.19-20)

विवाह की उम्र की सामान्य सीमा

विवाह की उम्र की सामान्य सीमा शास्त्रीय आधार पर निर्धारित की जा सकती है। कुंभ राशि वालों के लिए विवाह की उम्र की सामान्य सीमा 25 से 35 वर्ष के बीच होती है। हालांकि, यह उम्र व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करती है। (Phaladeepika 7.14)

ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली विशिष्ट है — कैरियर का समय, रिश्ते, स्वास्थ्य, जो भी पूछना चाहें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंभ राशि वालों की शादी कब होगी?

कुंभ राशि वालों की शादी की तारीख निर्धारित करने के लिए, उनकी कुंडली में गुरु और शुक्र की स्थिति का विश्लेषण करना आवश्यक है। जब गुरु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। (BPHS 3.42)

विवाह में देरी क्यों हो रही है?

विवाह में देरी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि मांगलिक दोष, शनि की दृष्टि, और कमजोर 7वाँ भाव। मांगलिक दोष के कारण विवाह में देरी हो सकती है, जबकि शनि की दृष्टि भी विवाह में देरी का कारण बन सकती है। (BPHS 46.8)

मांगलिक हूँ तो क्या करूँ?

मांगलिक दोष के लिए कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि मंगल ग्रह की शांति करना और हनुमान जी की पूजा करना। इसके अलावा, शनि की दृष्टि के लिए भी कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि शनि ग्रह की शांति करना और शनि मंत्र का जाप करना। (BPHS 70.19-20)

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह की उम्र की सामान्य सीमा क्या है?

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह की उम्र की सामान्य सीमा 25 से 35 वर्ष के बीच होती है। हालांकि, यह उम्र व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करती है। (Phaladeepika 7.14)

विवाह के लिए कौन से ग्रह महत्वपूर्ण हैं?

विवाह के लिए गुरु, शुक्र, और 7वें घर के स्वामी महत्वपूर्ण होते हैं। गुरु की स्थिति और दृष्टि विवाह के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण होती है, जबकि 7वें घर के स्वामी की स्थिति जीवनसाथी के स्वभाव और विवाह के समय को प्रभावित करती है। (BPHS 3.42)

विवाह में देरी को कैसे रोका जा सकता है?

विवाह में देरी को रोकने के लिए, मांगलिक दोष के लिए कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि मंगल ग्रह की शांति करना और हनुमान जी की पूजा करना। इसके अलावा, शनि की दृष्टि के लिए भी कुछ विशिष्ट उपाय होते हैं, जैसे कि शनि ग्रह की शांति करना और शनि मंत्र का जाप करना। (BPHS 70.19-20)

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह के लिए कौन से योग महत्वपूर्ण हैं?

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह के लिए गुरु-शुक्र योग, राहु-शुक्र योग, और गुरु-चंद्र योग महत्वपूर्ण होते हैं। जब गुरु और शुक्र की युति होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। (BPHS 3.42)

विवाह के लिए कौन से ग्रहों की दशा महत्वपूर्ण है?

विवाह के लिए गुरु की दशा, शुक्र की दशा, और 7वें घर के स्वामी की दशा महत्वपूर्ण होती है। जब गुरु की दशा में शुक्र की अंतर्दशा होती है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। (BPHS 18.22)

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह के लिए कौन से गोचर महत्वपूर्ण हैं?

कुंभ राशि वालों के लिए विवाह के लिए गुरु का 7वें भाव या उसके स्वामी पर गोचर महत्वपूर्ण होता है। जब गुरु 7वें भाव में गोचर करता है, तो यह विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। (Phaladeepika 7.14)

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