100% वैदिक · एस्ट्रोनॉमी इंजन (NASA JPL से सत्यापित) · शास्त्रीय उद्धरण · 10 भारतीय भाषाएँ
Hindi

मकर राशि में मांगलिक दोष कब होता है? जानें सटीक समय (2026)

मकर राशि में मांगलिक दोष कब होता है? जानें सटीक समय (2026)

30 सेकंड में अपनी मुफ़्त कुंडली देखें

जन्म विवरण डालें — तुरंत अपनी कुंडली और मुफ़्त रीडिंग पाएँ, फिर 3 मिनट मुफ़्त सवाल पूछें। पूरा 20-मिनट का परामर्श ₹49 में — सिर्फ़ अगर आप चाहें।

अपनी कुंडली पर जाँचें🧮 मुफ़्त मांगलिक दोष कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी में) →

कोई साइन-अप नहीं। या पूरा फ़ॉर्म खोलें.

✓ मुफ़्त कुंडली·✓ 3 मिनट मुफ़्त परामर्श·✓ ₹49 में 20-मिनट का परामर्श·✓ कोई OTP नहीं

मकर राशि में मांगलिक दोष के प्रभाव और उपाय जानें। makar manglik dosha के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। निःशुल्क देखें।

मकर राशि और मांगलिक दोष: एक विस्तृत विश्लेषण

मांगलिक दोष एक ज्योतिषीय अवधारणा है जो कुंडली में मंगल की स्थिति पर आधारित है। यह दोष तब माना जाता है जब मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8, या 12वें भाव में स्थित होता है। मकर राशि में मंगल की उपस्थिति के संदर्भ में, यह दोष कब माना जाता है और कब नहीं, यह जानना महत्वपूर्ण है।

मकर राशि में मंगल का होना

मकर राशि में मंगल की उपस्थिति को मांगलिक दोष माना जाता है जब मंगल 1, 4, 7, 8, या 12वें भाव में स्थित होता है। हालांकि, यदि मंगल मकर राशि के 2, 3, 5, 6, 9, 10, या 11वें भाव में स्थित होता है, तो यह दोष माना नहीं जाता है।

मांगलिक दोष के स्तर

मांगलिक दोष के तीन स्तर होते हैं: मंद, मध्यम, और उग्र। मकर राशि में मंगल की उपस्थिति के संदर्भ में, यदि मंगल 1 या 7वें भाव में स्थित होता है, तो यह दोष उग्र माना जाता है। यदि मंगल 4 या 8वें भाव में स्थित होता है, तो यह दोष मध्यम माना जाता है। यदि मंगल 12वें भाव में स्थित होता है, तो यह दोष मंद माना जाता है।

दोष परिहार

मकर राशि वालों के लिए विशिष्ट परिहार स्थितियाँ होती हैं। यदि राहु, शुक्र, या गुरु मंगल के साथ संयोजन में होते हैं, तो यह दोष परिहार होता है। इसके अलावा, यदि मंगल उच्च का होता है या मित्र राशि में स्थित होता है, तो भी यह दोष परिहार होता है (BPHS 46.10)।

विवाह पर वास्तविक प्रभाव

आधुनिक यथार्थ में, मांगलिक दोष का प्रभाव पारंपरिक भय की तुलना में बहुत कम है। कई आधुनिक ज्योतिषी मानते हैं कि यह दोष विवाह के लिए एक बड़ा बाधक नहीं है। हालांकि, यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मांगलिक × मांगलिक = परिहार

यह मिथक है या सच कि मांगलिक × मांगलिक = परिहार? शास्त्रीय आधार पर, यह कहा जा सकता है कि यदि दोनों साथी मांगलिक होते हैं, तो यह दोष परिहार होता है। हालांकि, यह परिहार केवल तभी होता है जब दोनों साथियों के मंगल एक ही भाव में स्थित होते हैं (BPHS 54.28-29)।

परिहार के शास्त्रीय उपाय

मांगलिक दोष के परिहार के लिए कई शास्त्रीय उपाय होते हैं। मंगल पूजा, हनुमान चालीसा, और कुंभ विवाह कुछ प्रमुख उपाय हैं। इसके अलावा, यदि साथी मांगलिक नहीं है, तो भी यह दोष परिहार होता है (BPHS 49.28-29)।

विदेशी / आधुनिक भारतीय विवाह में मांगलिक का व्यावहारिक महत्व

विदेशी या आधुनिक भारतीय विवाह में, मांगलिक दोष का व्यावहारिक महत्व बहुत कम है। कई आधुनिक ज्योतिषी मानते हैं कि यह दोष विवाह के लिए एक बड़ा बाधक नहीं है। हालांकि, यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (BPHS 54.78-81)।

ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली अलग है: कैरियर का समय, रिश्ते, जो भी पूछना चाहें।

अपनी कुंडली मुफ़्त देखें →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: मकर राशि में मंगल हो तो मांगलिक हूँ?

उत्तर: नहीं, मकर राशि में मंगल होने से आप मांगलिक नहीं होते हैं। मांगलिक दोष तब माना जाता है जब मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8, या 12वें भाव में स्थित होता है।

प्रश्न: मांगलिक दोष कैसे दूर करें?

उत्तर: मांगलिक दोष के परिहार के लिए कई शास्त्रीय उपाय होते हैं। मंगल पूजा, हनुमान चालीसा, और कुंभ विवाह कुछ प्रमुख उपाय हैं। इसके अलावा, यदि साथी मांगलिक नहीं है, तो भी यह दोष परिहार होता है।

प्रश्न: गैर-मांगलिक से शादी हो सकती है?

उत्तर: हाँ, गैर-मांगलिक से शादी हो सकती है। हालांकि, यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रश्न: मांगलिक दोष का प्रभाव विवाह पर क्या होता है?

उत्तर: मांगलिक दोष का प्रभाव विवाह पर बहुत कम होता है। हालांकि, यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रश्न: मांगलिक × मांगलिक = परिहार क्या है?

उत्तर: मांगलिक × मांगलिक = परिहार एक मिथक है। यह परिहार केवल तभी होता है जब दोनों साथियों के मंगल एक ही भाव में स्थित होते हैं।

प्रश्न: मांगलिक दोष के परिहार के लिए क्या उपाय हैं?

उत्तर: मांगलिक दोष के परिहार के लिए कई शास्त्रीय उपाय होते हैं। मंगल पूजा, हनुमान चालीसा, और कुंभ विवाह कुछ प्रमुख उपाय हैं।

प्रश्न: विदेशी / आधुनिक भारतीय विवाह में मांगलिक का व्यावहारिक महत्व क्या है?

उत्तर: विदेशी या आधुनिक भारतीय विवाह में, मांगलिक दोष का व्यावहारिक महत्व बहुत कम है। हालांकि, यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रश्न: मांगलिक दोष के बारे में क्या जानना महत्वपूर्ण है?

उत्तर: मांगलिक दोष के बारे में जानना महत्वपूर्ण है कि यह दोष विवाह के समय और साथी के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, यह दोष के परिहार के लिए कई शास्त्रीय उपाय होते हैं।

प्रश्न: मांगलिक दोष के परिहार के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर: मांगलिक दोष के परिहार के लिए मंगल पूजा, हनुमान चालीसा, और कुंभ विवाह जैसे शास्त्रीय उपाय करने चाहिए। इसके अलावा, यदि साथी मांगलिक नहीं है, तो भी यह दोष परिहार होता है।

आपकी कुंडली। आपके सवाल।

आपकी सटीक जन्म कुंडली और मुफ़्त रीडिंग, तुरंत। फिर अपने सवाल पूछें — 3 मिनट मुफ़्त, पूरा 20-मिनट का परामर्श ₹49 में।

मेरी मुफ़्त कुंडली देखें →