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मकर राशि के लिए विवाह योग का विश्लेषण makar vivah yog में गुरु और 7वें घर की स्थिति देखी जाती है। जानें अपने विवाह के समय और जीवनसाथी के बारे में।
मकर राशि वालों के लिए विवाह योग और शादी के समय का विश्लेषण करने से पहले, यह जानना आवश्यक है कि मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं और 7वें भाव की भूमिका विवाह और जीवनसाथी के बारे में बताती है। मकर राशि की कुंडली में गुरु (पुरुष के लिए शुक्र), 7वें घर के स्वामी, और लग्न स्वामी का विश्लेषण करना भी महत्वपूर्ण है।
मकर राशि की कुंडली में गुरु (पुरुष के लिए शुक्र) विवाह कारक ग्रह होता है। यदि गुरु मजबूत और शुभ स्थिति में होता है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं। इसके अलावा, 7वें घर के स्वामी और लग्न स्वामी की स्थिति भी विवाह के समय और जीवनसाथी के बारे में बताती है।
शास्त्रीय 7वें भाव के योग, राहु-शुक्र, गुरु-चंद्र संयोजन विवाह योग बनाते हैं। यदि मकर राशि की कुंडली में गुरु और शुक्र का संयोजन होता है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं। इसके अलावा, राहु और शुक्र का संयोजन भी विवाह के योग बनाता है, लेकिन यह योग कभी-कभी देरी या परेशानियों का कारण भी बन सकता है।
मकर राशि के लिए विशिष्ट दशा-अंतर्दशा में विवाह की संभावना सबसे अधिक होती है। यदि मकर राशि की कुंडली में गुरु की दशा या शुक्र की दशा चल रही होती है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं। इसके अलावा, लग्न स्वामी की दशा या 7वें घर के स्वामी की दशा में भी विवाह के योग बन सकते हैं। (BPHS 44.22-24)
गुरु का 7वें भाव या उसके स्वामी पर गोचर विवाह के समय का संकेत देता है। यदि गुरु 7वें भाव पर गोचर कर रहा होता है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं। इसके अलावा, गुरु का लग्न स्वामी या 7वें घर के स्वामी पर गोचर भी विवाह के समय का संकेत देता है। (BPHS 54.22-24)
मांगलिक दोष, शनि की दृष्टि, कमजोर 7वाँ भाव विवाह में देरी के कारण हो सकते हैं। यदि मकर राशि की कुंडली में मांगलिक दोष होता है, तो विवाह में देरी हो सकती है। इसके अलावा, शनि की दृष्टि या कमजोर 7वाँ भाव भी विवाह में देरी का कारण बन सकता है। (BPHS 18.22)
विवाह में देरी को रोकने के लिए शास्त्रीय उपाय किए जा सकते हैं। यदि मकर राशि की कुंडली में मांगलिक दोष होता है, तो कुछ विशिष्ट पूजा और अनुष्ठान करने से विवाह में देरी को रोका जा सकता है। इसके अलावा, शनि की दृष्टि या कमजोर 7वाँ भाव को मजबूत करने के लिए भी कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
विवाह की उम्र की सामान्य सीमा शास्त्रीय आधार पर निर्धारित की जा सकती है। यदि मकर राशि की कुंडली में गुरु और शुक्र का संयोजन होता है, तो विवाह की उम्र 25-30 वर्ष के बीच हो सकती है। इसके अलावा, लग्न स्वामी और 7वें घर के स्वामी की स्थिति भी विवाह की उम्र को निर्धारित करती है। (BPHS 46.10)
ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली अलग है: विवाह का समय, रिश्ते, जो भी पूछना चाहें।
अपनी कुंडली मुफ़्त देखें →मकर राशि वालों की शादी का समय गुरु की दशा या शुक्र की दशा में हो सकता है। इसके अलावा, लग्न स्वामी और 7वें घर के स्वामी की स्थिति भी विवाह के समय को निर्धारित करती है। (BPHS 44.22-24)
विवाह में देरी मांगलिक दोष, शनि की दृष्टि, कमजोर 7वाँ भाव के कारण हो सकती है। यदि मकर राशि की कुंडली में मांगलिक दोष होता है, तो विवाह में देरी हो सकती है। (BPHS 18.22)
यदि आप मांगलिक हैं, तो कुछ विशिष्ट पूजा और अनुष्ठान करने से विवाह में देरी को रोका जा सकता है। इसके अलावा, शनि की दृष्टि या कमजोर 7वाँ भाव को मजबूत करने के लिए भी कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
विवाह के लिए गुरु और शुक्र सबसे महत्वपूर्ण ग्रह हैं। यदि मकर राशि की कुंडली में गुरु और शुक्र का संयोजन होता है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं।
विवाह के समय का निर्धारण गुरु की दशा या शुक्र की दशा में किया जा सकता है। इसके अलावा, लग्न स्वामी और 7वें घर के स्वामी की स्थिति भी विवाह के समय को निर्धारित करती है। (BPHS 44.22-24)
विवाह में देरी को रोकने के लिए कुछ विशिष्ट पूजा और अनुष्ठान किए जा सकते हैं। इसके अलावा, शनि की दृष्टि या कमजोर 7वाँ भाव को मजबूत करने के लिए भी कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
विवाह के लिए गुरु और शुक्र का संयोजन सबसे अच्छा योग है। यदि मकर राशि की कुंडली में गुरु और शुक्र का संयोजन होता है, तो विवाह के योग अच्छे बनते हैं।
यदि मकर राशि की कुंडली में मांगलिक दोष है, तो विवाह के समय का निर्धारण गुरु की दशा या शुक्र की दशा में किया जा सकता है। इसके अलावा, लग्न स्वामी और 7वें घर के स्वामी की स्थिति भी विवाह के समय को निर्धारित करती है। (BPHS 44.22-24)
यदि मकर राशि की कुंडली में शनि की दृष्टि है, तो विवाह में देरी को रोकने के लिए कुछ विशिष्ट पूजा और अनुष्ठान किए जा सकते हैं। इसके अलावा, शनि की दृष्टि को कम करने के लिए भी कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
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