शादी कब होगी?
जन्म की तारीख़, समय और जगह डालिए। देखिए कि आपकी कुंडली के हिसाब से किन महीनों में शादी का दौर साथ देता है।
जन्म की जानकारी डालिए
अगले छह साल के दौर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शादी कब होगी, यह कुंडली से कैसे पता करें?
कुंडली में सातवाँ घर शादी का घर माना जाता है, और शुक्र साथ और रिश्तों का ग्रह। देखा जाता है कि अभी कौन-सा दौर चल रहा है, उस दौर का स्वामी ग्रह शादी के घर से कैसे जुड़ा है, और उसी समय गुरु और शनि उस घर को सहारा दे रहे हैं या नहीं। यह कैलकुलेटर यही हिसाब आपकी कुंडली पर लगाकर महीने बताता है।
शादी में देरी क्यों होती है?
कुंडली के हिसाब से देरी का मतलब अक्सर इतना होता है कि शादी का साथ देने वाला दौर अभी चल नहीं रहा। दौर बदलते रहते हैं, इसलिए अगले सालों के महीने देख लेना ज़्यादा काम की बात है। किसी एक ग्रह को देरी का कारण मान लेना ठीक नहीं।
जन्म का सही समय न पता हो तो क्या होगा?
तब कुंडली का लग्न तय नहीं हो पाता, और शादी का घर लग्न से गिना जाता है। इसलिए हम वही दौर दिखाते हैं जो दिन के उस पूरे हिस्से में बैठते हैं जिसमें आप पैदा हुए। ऐसे में कई बार कोई दौर नहीं निकलता। घर में किसी से जन्म का समय पूछ लें, तो नतीजा साफ़ होता है।
क्या ये महीने पक्की तारीख़ हैं?
नहीं। ये कुंडली से निकले दौर हैं, यानी वे महीने जब आपकी कुंडली शादी का साथ देती दिखती है। शादी की तारीख़ आपके और घरवालों के फ़ैसले से तय होती है।
क्या यह कैलकुलेटर सच में मुफ़्त है?
हाँ, मुफ़्त है और साइन-अप की ज़रूरत नहीं। आगे की बातचीत में पहली पढ़ाई और दो सवाल मुफ़्त हैं, पूरी 20 मिनट की बैठक ₹49 में।