संतान योग कैलकुलेटर
अपनी जन्म कुंडली के 5वें भाव, पंचमेश और पुत्रकारक गुरु का शास्त्रीय विश्लेषण — गुरु गोचर की तिथियों के साथ। निःशुल्क, बिना साइन-अप।
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आपकी कुंडली के मुख्य बिंदु
समय — गुरु गोचर और दशा
पारंपरिक उपाय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुंडली में संतान योग कैसे देखें?
शास्त्रीय पद्धति में तीन साक्ष्य देखे जाते हैं: (1) 5वाँ भाव यानी पुत्र भाव — उसकी राशि और उसमें बैठे ग्रह, (2) पंचमेश यानी 5वें भाव का स्वामी — वह किस भाव और किस राशि में है, और (3) पुत्रकारक गुरु — उनकी राशि, भाव, बल और 5वें भाव से संबंध। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के 25वें अध्याय में यही क्रम बताया गया है। तीनों में से जितने अधिक बलवान, संतान योग उतना प्रबल। यह कैलकुलेटर यही तीनों गणनाएँ आपकी जन्म कुंडली से करता है।
पुत्र प्राप्ति कब होगी — समय कैसे निकालें?
समय दो चीज़ों से पढ़ा जाता है — गोचर और दशा। गोचर में गुरु का 5वें भाव पर या पंचमेश की राशि पर आना सबसे प्रमुख संकेत है; गुरु एक राशि में लगभग एक वर्ष रहते हैं। दशा में वह महादशा या अंतर्दशा प्रासंगिक होती है जिसका स्वामी पंचमेश हो, 5वें भाव में बैठा हो, या 5वें भाव को देखता हो। यह कैलकुलेटर आपकी कुंडली के लिए गुरु गोचर की आगामी तिथियाँ और वर्तमान दशा का 5वें भाव से संबंध दोनों दिखाता है।
5वें भाव के बारे में शास्त्र क्या कहते हैं?
5वाँ भाव पुत्र भाव कहलाता है। यह केवल संतान का नहीं — बुद्धि, पूर्वजन्म के पुण्य, रचनात्मकता और मंत्र-सिद्धि का भी भाव है, इसीलिए इसे त्रिकोण भावों में गिना जाता है। फलदीपिका में इसे पूर्व पुण्य स्थान कहा गया है। 5वें भाव में शुभ ग्रह या गुरु की दृष्टि इसे बल देती है; पाप ग्रह की उपस्थिति शास्त्रों में विलंब का संकेत मानी जाती है — अभाव का नहीं।
क्या 5वें भाव में राहु या शनि होने से संतान नहीं होती?
नहीं। शास्त्र किसी एक ग्रह स्थिति से ऐसा निष्कर्ष नहीं निकालते। 5वें भाव में पाप ग्रह प्रायः विलंब, अधिक प्रतीक्षा, या मार्ग में उतार-चढ़ाव का संकेत देते हैं — और गुरु की दृष्टि, पंचमेश का बल, या अनुकूल दशा इस प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर देती है। ज्योतिष समय बताने का शास्त्र है, संभावना पर निर्णय सुनाने का नहीं। संतान से जुड़े चिकित्सकीय प्रश्नों के लिए योग्य चिकित्सक ही सही मार्गदर्शक हैं।
जन्म समय पता न हो तो क्या यह कैलकुलेटर काम करेगा?
आंशिक रूप से। जन्म समय के बिना हम दोपहर 12:00 मान लेते हैं। ग्रहों की राशि प्रायः सही रहती है, पर लग्न — और इसलिए 5वाँ भाव कौन-सी राशि होगी — पूरी तरह समय पर निर्भर है। समय के बिना 5वें भाव और पंचमेश का विश्लेषण अनुमानित रहेगा, जबकि गुरु की राशि और गोचर की तिथियाँ फिर भी सही रहेंगी। सटीक उत्तर के लिए जन्म प्रमाणपत्र या परिवार से समय पूछ लें।