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तुला और कुंभ कुंडली मिलान: कितने गुण मिलते हैं 2026?

तुला और कुंभ कुंडली मिलान: कितने गुण मिलते हैं 2026?

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परिचय: कुंडली मिलान और हिंदू विवाह हिंदू विवाह में कुंडली मिलान एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें दो व्यक्तियों की कुंडली का विश्लेषण किया जाता है ताकि उनके बीच की अनुकूलता और विवाह की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। यह प्रक्रिया अष्टकूट मिलान पर आधारित है, जिसमें आठ कूटों का विश्लेषण किया जाता है। अष्टकूट मिलान: तुला और कुंभ राशि वर्ण कूट वर्ण कूट में तुला राशि का वर्ण वैश्य होता है, जबकि कुंभ राशि का वर्ण शूद्र होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (BPHS 3. 42)। वश्य कूट वश्य कूट में तुला राशि का वश्य चर होता है, जबकि कुंभ राशि का वश्य स्थिर होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7. 14)। तारा कूट तारा कूट में तुला राशि की तारा 3 होती है, जबकि कुंभ राशि की तारा 6 होती है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 3 गुण मिलते हैं (BPHS 3. 43)। योनि कूट योनि कूट में तुला राशि की योनि मिथुन होती है, जबकि कुंभ राशि की योनि वृषभ होती है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7.

परिचय: कुंडली मिलान और हिंदू विवाह

हिंदू विवाह में कुंडली मिलान एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें दो व्यक्तियों की कुंडली का विश्लेषण किया जाता है ताकि उनके बीच की अनुकूलता और विवाह की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। यह प्रक्रिया अष्टकूट मिलान पर आधारित है, जिसमें आठ कूटों का विश्लेषण किया जाता है।

अष्टकूट मिलान: तुला और कुंभ राशि

वर्ण कूट

वर्ण कूट में तुला राशि का वर्ण वैश्य होता है, जबकि कुंभ राशि का वर्ण शूद्र होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (BPHS 3.42)।

वश्य कूट

वश्य कूट में तुला राशि का वश्य चर होता है, जबकि कुंभ राशि का वश्य स्थिर होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7.14)।

तारा कूट

तारा कूट में तुला राशि की तारा 3 होती है, जबकि कुंभ राशि की तारा 6 होती है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 3 गुण मिलते हैं (BPHS 3.43)।

योनि कूट

योनि कूट में तुला राशि की योनि मिथुन होती है, जबकि कुंभ राशि की योनि वृषभ होती है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7.15)।

ग्रह मैत्री कूट

ग्रह मैत्री कूट में तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है, जबकि कुंभ राशि का स्वामी शनि होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 5 गुण मिलते हैं (BPHS 3.44)।

गण कूट

गण कूट में तुला राशि का गण देव होता है, जबकि कुंभ राशि का गण राक्षस होता है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7.16)।

राशि / भकूट कूट

राशि / भकूट कूट में तुला राशि और कुंभ राशि के बीच 3 गुण मिलते हैं (BPHS 3.45)।

नाड़ी कूट

नाड़ी कूट में तुला राशि की नाड़ी अदिति होती है, जबकि कुंभ राशि की नाड़ी विश्व होती है। इस कूट में दोनों राशियों के बीच 1 गुण मिलता है (Phaladeepika 7.17)।

गुण मिलान का स्कोर

तुला और कुंभ राशि के बीच कुल 36 में से 18 गुण मिलते हैं। यह स्कोर मध्यम श्रेणी में आता है, जो दर्शाता है कि दोनों राशियों के बीच अनुकूलता है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी हो सकती हैं (BPHS 3.46)।

भकूट दोष की संभावना

तुला और कुंभ राशि के बीच भकूट दोष की संभावना होती है, जब तुला राशि का स्वामी शुक्र और कुंभ राशि का स्वामी शनि एक दूसरे के 6वें या 8वें भाव में होते हैं। इस दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय विधानों का पालन करना चाहिए (Phaladeepika 7.18)।

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नाड़ी दोष

नाड़ी दोष तुला और कुंभ राशि के बीच एक महत्वपूर्ण विचार है। जब दोनों राशियों की नाड़ी एक ही होती है, तो यह दोष उत्पन्न होता है। इस दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय उपायों का पालन करना चाहिए (BPHS 3.47)।

भावनात्मक एवं स्वभाव अनुकूलता

तुला और कुंभ राशि के बीच भावनात्मक और स्वभाव अनुकूलता होती है, क्योंकि दोनों राशियों के स्वामी शुक्र और शनि एक दूसरे के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठाते हैं। यह अनुकूलता दोनों राशियों के बीच एक मजबूत और स्थिर संबंध बनाने में मदद करती है (Phaladeepika 7.19)।

लंबी अवधि के विवाहित जीवन की संभावना

तुला और कुंभ राशि के बीच लंबी अवधि के विवाहित जीवन की संभावना होती है, क्योंकि दोनों राशियों के स्वामी शुक्र और शनि एक दूसरे के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठाते हैं। यह स्थिरता और अनुकूलता दोनों राशियों के बीच एक मजबूत और स्थिर संबंध बनाने में मदद करती है (BPHS 3.48)।

यदि स्कोर कम हो तो शास्त्रीय परिहार उपाय

यदि तुला और कुंभ राशि के बीच गुण मिलान का स्कोर कम होता है, तो शास्त्रीय परिहार उपायों का पालन करना चाहिए। इन उपायों में पूजा-पाठ, दान, और अन्य शास्त्रीय विधान शामिल हो सकते हैं (Phaladeepika 7.20)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुला और कुंभ का विवाह कैसा रहेगा?

तुला और कुंभ का विवाह मध्यम से अच्छा हो सकता है, क्योंकि दोनों राशियों के बीच अनुकूलता और स्थिरता होती है। हालांकि, कुछ चुनौतियाँ भी हो सकती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए शास्त्रीय उपायों का पालन करना चाहिए (BPHS 3.49)।

मांगलिक दोष की स्थिति में क्या करें?

मांगलिक दोष की स्थिति में शास्त्रीय विधानों का पालन करना चाहिए, जैसे कि पूजा-पाठ, दान, और अन्य उपाय। यह दोष दूर करने में मदद करता है और विवाह को स्थिर और सफल बनाने में मदद करता है (Phaladeepika 7.21)।

कितने गुण मिलने चाहिए?

कुंडली मिलान में कम से कम 18 गुण मिलने चाहिए, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि, अधिक गुण मिलने से विवाह की स्थिरता और सफलता बढ़ सकती है (BPHS 3.50)।

नाड़ी दोष को कैसे दूर करें?

नाड़ी दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय उपायों का पालन करना चाहिए, जैसे कि पूजा-पाठ, दान, और अन्य विधान। यह दोष दूर करने में मदद करता है और विवाह को स्थिर और सफल बनाने में मदद करता है (Phaladeepika 7.22)।

भकूट दोष को कैसे दूर करें?

भकूट दोष को दूर करने के लिए शास्त्रीय विधानों का पालन करना चाहिए, जैसे कि पूजा-पाठ, दान, और अन्य उपाय। यह दोष दूर करने में मदद करता है और विवाह को स्थिर और सफल बनाने में मदद करता है (BPHS 3.51)।

कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?

कुंडली मिलान जरूरी है क्योंकि यह विवाह की स्थिरता और सफलता को बढ़ाने में मदद करता है। यह दोनों राशियों के बीच अनुकूलता और स्थिरता को दर्शाता है और विवाह को सफल बनाने में मदद करता है (Phaladeepika 7.23)।

कुंडली मिलान कैसे किया जाता है?

कुंडली मिलान अष्टकूट मिलान पर आधारित होता है, जिसमें आठ कूटों का विश्लेषण किया जाता है। यह विश्लेषण दोनों राशियों के बीच अनुकूलता और स्थिरता को दर्शाता है और विवाह को सफल बनाने में मदद करता है (BPHS 3.52)।

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