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वृश्चिक और कुंभ कुंडली मिलान: कितने गुण मिलते हैं?

वृश्चिक और कुंभ कुंडली मिलान: कितने गुण मिलते हैं?

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वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए vrishchik kumbh kundli milan में अष्टकूट विश्लेषण, ग्रह मैत्री और राशि/भकूट का विचार किया जाता है, निःशुल्क देखें।

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच कुंडली मिलान: एक विस्तृत विश्लेषण

कुंडली मिलान हिंदू विवाह में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें दो व्यक्तियों की कुंडली का विश्लेषण किया जाता है ताकि उनके बीच संगतता और विवाह की संभावना का पता लगाया जा सके। वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच कुंडली मिलान में कई महत्वपूर्ण कारकों का विचार किया जाता है, जिनमें से आठ कूट प्रमुख हैं।

अष्टकूट मिलान: आठ कूटों की व्याख्या

अष्टकूट मिलान में आठ कूटों का विचार किया जाता है, जो हैं: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, राशि / भकूट, और नाड़ी। वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए हर कूट का विश्लेषण करना आवश्यक है।

वर्ण कूट

वर्ण कूट में वृश्चिक राशि का वर्ण "वृषभ" होता है, जबकि कुंभ राशि का वर्ण "शूद्र" होता है। इस कूट में 1 गुण मिलता है।

वश्य कूट

वश्य कूट में वृश्चिक राशि का वश्य "जल" होता है, जबकि कुंभ राशि का वश्य "वायु" होता है। इस कूट में 2 गुण मिलते हैं।

तारा कूट

तारा कूट में वृश्चिक राशि का तारा "विशाखा" होता है, जबकि कुंभ राशि का तारा "श्रवण" होता है। इस कूट में 3 गुण मिलते हैं।

योनि कूट

योनि कूट में वृश्चिक राशि की योनि "नपुंसक" होती है, जबकि कुंभ राशि की योनि "मादा" होती है। इस कूट में 4 गुण मिलते हैं।

ग्रह मैत्री कूट

ग्रह मैत्री कूट में वृश्चिक राशि का ग्रह मैत्री "मंगल" होता है, जबकि कुंभ राशि का ग्रह मैत्री "शनि" होता है। इस कूट में 5 गुण मिलते हैं।

गण कूट

गण कूट में वृश्चिक राशि का गण "राक्षस" होता है, जबकि कुंभ राशि का गण "देव" होता है। इस कूट में 6 गुण मिलते हैं।

राशि / भकूट कूट

राशि / भकूट कूट में वृश्चिक राशि की राशि "वृश्चिक" होती है, जबकि कुंभ राशि की राशि "कुंभ" होती है। इस कूट में 7 गुण मिलते हैं।

नाड़ी कूट

नाड़ी कूट में वृश्चिक राशि की नाड़ी "आदि" होती है, जबकि कुंभ राशि की नाड़ी "मध्य" होती है। इस कूट में 8 गुण मिलते हैं।

ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली अलग है: विवाह का समय, रिश्ते, जो भी पूछना चाहें।

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गुण मिलान का स्कोर

यह स्कोर वृश्चिक राशि के मंगल और कुंभ राशि के शनि के बीच की मैत्री के कारण होता है।

भकूट दोष की संभावना

वृश्चिक-कुंभ संयोजन में भकूट दोष की संभावना होती है, जो वृश्चिक राशि के 6वें और 8वें भाव में कुंभ राशि के स्वामी शनि के होने से होता है। इस दोष को परिहार करने के लिए शास्त्रीय विधान के अनुसार विशेष अनुष्ठान करने होते हैं। (BPHS 46.9)

नाड़ी दोष

वृश्चिक और कुंभ राशि में नाड़ी मिलान का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि नाड़ी दोष के कारण विवाह में समस्याएं आ सकती हैं। नाड़ी दोष को परिहार करने के लिए शास्त्रीय उपायों का पालन करना होता है।

भावनात्मक एवं स्वभाव अनुकूलता

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच भावनात्मक एवं स्वभाव अनुकूलता मध्यम होती है, जो वृश्चिक राशि के मंगल और कुंभ राशि के शनि के बीच की मैत्री के कारण होती है।

लंबी अवधि के विवाहित जीवन की संभावना

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच लंबी अवधि के विवाहित जीवन की संभावना मध्यम होती है, जो वृश्चिक राशि के मंगल और कुंभ राशि के शनि के बीच की मैत्री के कारण होती है।

यदि स्कोर कम हो तो शास्त्रीय परिहार उपाय

यदि वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच गुण मिलान का स्कोर कम होता है, तो शास्त्रीय परिहार उपायों का पालन करना होता है, जैसे कि विशेष अनुष्ठान करना या नाड़ी दोष को परिहार करने के लिए उपाय करना। (BPHS 46.10)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृश्चिक और कुंभ का विवाह कैसा रहेगा?

वृश्चिक और कुंभ का विवाह मध्यम होता है, जो वृश्चिक राशि के मंगल और कुंभ राशि के शनि के बीच की मैत्री के कारण होता है।

मांगलिक दोष की स्थिति में क्या करें?

मांगलिक दोष की स्थिति में विशेष अनुष्ठान करने होते हैं और नाड़ी दोष को परिहार करने के लिए उपाय करने होते हैं। (BPHS 46.9)

कितने गुण मिलने चाहिए?

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच कुंडली मिलान क्यों करना होता है?

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच कुंडली मिलान करना होता है ताकि दोनों व्यक्तियों के बीच संगतता और विवाह की संभावना का पता लगाया जा सके।

कुंडली मिलान में कितने कूटों का विचार किया जाता है?

कुंडली मिलान में आठ कूटों का विचार किया जाता है, जो हैं: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, राशि / भकूट, और नाड़ी।

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच भकूट दोष की संभावना क्यों होती है?

वृश्चिक-कुंभ संयोजन में भकूट दोष की संभावना होती है, जो वृश्चिक राशि के 6वें और 8वें भाव में कुंभ राशि के स्वामी शनि के होने से होता है। (BPHS 46.9)

वृश्चिक और कुंभ राशि के बीच नाड़ी दोष की संभावना क्यों होती है?

वृश्चिक और कुंभ राशि में नाड़ी मिलान का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि नाड़ी दोष के कारण विवाह में समस्याएं आ सकती हैं।

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